पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, वैश्विक बाजारों में बिकवाली

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर आपूर्ति जोखिम की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। तेल आपूर्ति बाधित होने की संभावनाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है या होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो कीमतों में और उछाल आ सकता है। गौरतलब है कि विश्व के कुल समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ा सकती है। तेल विपणन कंपनियों और विमानन क्षेत्र पर भी लागत बढ़ने का असर देखने को मिल सकता है।
इसी बीच वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली का माहौल बना हुआ है। निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते हुए सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी बाजारों में भी दबाव की स्थिति बनी रही।


