उत्तराखंड

नैनीताल में ठहरी जिंदगी: गैस संकट और तूफान ने बढ़ाई मुश्किलें, 48 घंटे तक बिजली ठप

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नैनीताल: पहाड़ों की खूबसूरत नगरी नैनीताल इन दिनों गंभीर संकट से जूझ रही है। एक ओर जहां रसोई गैस की किल्लत लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, वहीं दूसरी ओर हाल ही में आए भीषण तूफान और ओलावृष्टि ने शहर की रफ्तार को थाम दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, तेज आंधी और भारी ओलावृष्टि के चलते बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए, जिससे बिजली की कई लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसका नतीजा यह हुआ कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही

⚡ जनजीवन पर गहरा असर

बिजली गुल होने से नैनीताल में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

  • घरों में अंधेरा छा गया

  • पानी की सप्लाई बाधित हुई

  • मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ

पर्यटकों से भरे इस शहर में होटल और गेस्ट हाउसों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर जनरेटर भी फेल हो गए, जिससे मेहमानों को असुविधा झेलनी पड़ी।

 80 हजार आबादी प्रभावित

इस संकट का असर नैनीताल के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों—पदमपुरी, ओखलकांडा, सुखाताल और पाइन्स—में रहने वाली करीब 80 हजार की आबादी पर पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, दो दिन तक बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की देखभाल और दैनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुए।

बिजली विभाग को इस प्राकृतिक आपदा से करीब 50 से 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

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