
देहरादून।
उत्तराखंड में तेजी से हो रहे शहरीकरण के चलते अब हर तीसरा व्यक्ति शहरों की ओर रुख कर रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार राज्य की शहरी आबादी बढ़कर करीब 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और बुनियादी ढांचे की उपलब्धता लोगों को गांवों से शहरों की ओर आकर्षित कर रही है। खासतौर पर देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों में आबादी का दबाव तेजी से बढ़ रहा है।
गांवों से हो रहा लगातार पलायन
पहाड़ी क्षेत्रों से लगातार पलायन एक बड़ी चिंता बनता जा रहा है। रोजगार के सीमित अवसर, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोग अपने गांव छोड़कर शहरों में बसने को मजबूर हो रहे हैं।
शहरों पर बढ़ रहा दबाव
शहरी आबादी बढ़ने के साथ ही शहरों में बुनियादी सुविधाओं पर दबाव भी बढ़ रहा है। यातायात, पानी, बिजली, आवास और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं।



