उत्तरकाशी: पश्चिम एशिया संघर्ष की मार, पर्वतारोहण और ट्रैकिंग कारोबार पर संकट, विदेशी बुकिंग होल्ड

उत्तरकाशी के पर्वतारोहण और ट्रैकिंग कारोबार पर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का सीधा असर देखने को मिल रहा है। हर साल मार्च तक विदेशी ग्रुपों से सबसे ज्यादा एडवांस बुकिंग मिलने वाला यह कारोबार इस बार ठहराव का शिकार हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि पुरानी बुकिंग भी होल्ड पर चली गई हैं, जबकि नई पूछताछ लगभग बंद है।
गढ़वाल माउंटेनियरिंग ट्रेकिंग एसोसिएशन के अनुसार, उत्तरकाशी में हर साल करीब 10 हजार विदेशी पर्वतारोही और ट्रैकर्स पहुंचते हैं। इनमें सबसे ज्यादा पर्यटक इजराइल, अमेरिका, यूके और यूरोपीय देशों से आते हैं। लेकिन इस बार इन देशों से न तो नई बुकिंग आई है और न ही किसी तरह की जानकारी के लिए संपर्क हुआ है।
कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि विदेशी पर्वतारोहियों के आने के बाद देश के अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में ट्रैकर्स पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय होटल, गाइड, पोर्टर, ट्रांसपोर्ट और होमस्टे व्यवसाय को बड़ा सहारा मिलता है। ऐसे में वैश्विक तनाव ने पूरे एडवेंचर टूरिज्म सेक्टर के सामने संकट खड़ा कर दिया है।
इस बीच प्रशासन ने 1 अप्रैल से पर्वतारोहण सीजन खोलने का आश्वासन दिया था, जिससे इस बार बेहतर कारोबार की उम्मीद थी। लेकिन पश्चिम एशिया संघर्ष के बढ़ते खतरे ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और आने वाले सीजन को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।



