चारधाम यात्रा 2026: आज मॉक ड्रिल, प्रशासन अलर्ट, ‘जीरो लॉस ऑफ लाइफ’ पर फोकस

चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और आपदा-रोधी बनाने के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा शुरू होने से पहले आज देहरादून समेत प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रेस्क्यू, ट्रैफिक और तीर्थयात्री प्रबंधन की क्षमता को परखा जा सके।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के निर्देश पर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान ‘जीरो लॉस ऑफ लाइफ’ लक्ष्य के साथ सभी विभाग समन्वय में काम करें। जिले को 9 जोन और 23 सेक्टरों में बांटा गया है, जबकि जीआईएस मैपिंग और संसाधनों का विस्तृत आकलन भी पूरा कर लिया गया है।
मॉक ड्रिल के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरोध, अचानक मौसम खराब होने, श्रद्धालुओं की भीड़, मेडिकल इमरजेंसी और ट्रैफिक डायवर्जन जैसे कई संभावित परिदृश्यों पर अभ्यास किया जाएगा। प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि बदरीनाथ, केदारनाथ और अन्य धामों की ओर जाने वाले यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर क्षेत्र में मलेथा मुख्य चौराहे से नए पुल तक विशेष अभ्यास रखा गया है। एसडीएम मंजू राजपूत ने संबंधित विभागों को सड़क मरम्मत, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। यह अभ्यास चारधाम यात्रा मार्ग पर प्रवेश करने वाले वाहनों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम माना जा रहा है।



