
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में करीब 88.16 करोड़ रुपये की लागत से पांच स्वचालित (ऑटोमेटेड/मैकेनाइज्ड) पार्किंग परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग पर रोक लगेगी और यातायात व्यवस्था को राहत मिलेगी।
इन प्रस्तावित पार्किंग स्थलों में चार हरिद्वार और एक रुड़की में बनाई जाएगी, जिन्हें आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा ताकि कम जगह में अधिक वाहनों की पार्किंग संभव हो सके। अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से बाजार क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों के आसपास लगने वाले लंबे जाम में काफी कमी आएगी।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार में लगातार बढ़ते वाहनों और तीर्थयात्रियों की भीड़ के कारण मुख्य मार्गों पर दबाव काफी बढ़ गया है। खासकर हरकी पैड़ी, बाजार क्षेत्रों और प्रमुख घाटों के आसपास ट्रैफिक जाम की स्थिति आम हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन पहले से ही शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहा है, जिनमें स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, बाईपास और पार्किंग प्रबंधन शामिल हैं। नई स्वचालित पार्किंग परियोजना को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद न केवल यातायात सुचारु होगा, बल्कि शहर में पार्किंग की समस्या और अव्यवस्थित वाहन खड़े होने की स्थिति में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।



