पंजाब SIR: राघव चड्ढा के बाद धर्मवीर गांधी के नाम पर विवाद, EC ने किया साफ- वोटर लिस्ट में सांसद और परिवार के नाम मौजूद

पटियाला। पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के नाम को लेकर उठे विवाद के बाद अब पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने दावा किया कि उनका और उनके परिवार के सदस्यों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि सांसद और उनके परिवार के सभी सदस्यों के नाम 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में दर्ज हैं।
EC ने जारी किया स्पष्टीकरण
चुनाव आयोग के मुताबिक, डॉ. धर्मवीर गांधी के साथ उनकी पत्नी जगदंबा कौशल, बेटी रोहानी पराशर, बहू चाहत साहूजा और बेटे नबेंदु के नाम भी मतदाता सूची में मौजूद हैं।
आयोग ने बताया कि सभी नाम विधानसभा क्षेत्र संख्या 115-पटियाला, भाग संख्या 98 में क्रम संख्या 44 से 48 के बीच दर्ज हैं। आयोग ने उन खबरों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि सांसद और उनके परिवार के नाम ड्राफ्ट सूची से गायब हैं।
धर्मवीर गांधी ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
डॉ. धर्मवीर गांधी ने कहा कि वह वर्ष 2000 से पटियाला स्थित अपने घर में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी पते से वह तीन लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं और दो बार जीत भी चुके हैं। इसके बावजूद उनके रिकॉर्ड का 2003 की पुरानी मतदाता सूची से मिलान नहीं होने पर उन्होंने SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
सांसद ने कहा कि यदि लंबे समय से एक ही पते पर रहने वाले व्यक्ति के रिकॉर्ड को लेकर समस्या आ सकती है, तो उन आम नागरिकों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है, जो नौकरी या अन्य कारणों से बार-बार अपना पता बदलते हैं।
परिवार के दस्तावेज भी जमा करने पड़े
गांधी के मुताबिक, उनके परिवार के एक सदस्य के रिकॉर्ड को लेकर भी परेशानी सामने आई। इसके लिए परिवार को पुराने दस्तावेज जुटाने पड़े। उन्होंने बताया कि प्रशासन के समक्ष पहचान, निवास और अन्य जरूरी दस्तावेज पेश किए गए।
उन्होंने SIR प्रक्रिया को आम लोगों के लिए सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की। उनका कहना है कि मतदाता के अधिकार की सुरक्षा केवल सांसद या किसी वीआईपी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हर नागरिक के वोट की समान रूप से रक्षा होनी चाहिए।
‘सरकारें अपने वोटर चुन रही हैं’
धर्मवीर गांधी ने SIR की मौजूदा प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि पहले जनता सरकार चुनती थी, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए जिसमें सरकारें यह तय करने लगें कि कौन वोट डाल सकता है और कौन नहीं।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की शिकायतें मिल रही हैं, जिन्हें अपने पुराने रिकॉर्ड से वर्तमान मतदाता सूची का मिलान कराने में परेशानी हो रही है।
ड्राफ्ट सूची पर अभी दावे-आपत्तियों का मौका
पंजाब में SIR के तहत जारी मतदाता सूची अभी ड्राफ्ट चरण में है। ऐसे में मतदाताओं को नाम, पते या अन्य विवरण से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी पर दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जा रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले प्रक्रिया के तहत आवश्यक सुधार किए जा सकते हैं।



