कंफर्म टिकट के बावजूद आधी रात ट्रेन से उतारी गई महिला, हुई गिरफ्तार; नौकरी भी गई, रेलवे देगा ₹2 लाख मुआवजा

तिरुवनंतपुरम: केरल में रेलवे की लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कंफर्म रिजर्वेशन टिकट होने के बावजूद एक महिला यात्री को आधी रात ट्रेन से उतार दिया गया और बिना टिकट यात्रा करने के आरोप में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में जांच में सामने आया कि रेलवे की बुकिंग प्रक्रिया में मोबाइल नंबर दर्ज करने के दौरान हुई गलती के कारण यह पूरा विवाद खड़ा हुआ था। मामले में केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने रेलवे को महिला को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
मोबाइल नंबर की एक अंक की गलती से हुआ पूरा मामला
महिला की पहचान के. जयस्मिता के रूप में हुई है। वह मूल रूप से त्रिशूर के एरुमापेट्टी की रहने वाली हैं और वर्तमान में तिरुवनंतपुरम में रह रही हैं।
जांच में पता चला कि रेलवे टिकट बुक करते समय दिए गए मोबाइल नंबर और ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में दर्ज नंबर में एक अंक का अंतर था। इसके चलते टिकट का कंफर्मेशन मैसेज किसी दूसरे व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर चला गया। उस व्यक्ति ने टिकट को ऑनलाइन रद्द कर दिया।
कंफर्म टिकट लेकर ट्रेन में सवार हुई थीं महिला
जयस्मिता अपने पास रिजर्वेशन होने के भरोसे ट्रेन में सवार हुई थीं। हालांकि, टिकट के रद्द हो जाने के कारण रेलवे अधिकारियों ने उनके यात्रा अधिकार पर सवाल उठाया। रात करीब आधी रात के समय उन्हें ट्रेन से उतरने के लिए कहा गया।
इसके बाद उन्हें अलुवा में रेलवे सुरक्षा बल के हवाले कर दिया गया। RPF ने बिना टिकट यात्रा करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ RPF अधिकारियों ने दुर्व्यवहार भी किया।
मामले की जांच के बाद रेलवे ने वापस लिया केस
बाद में रेलवे के वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्यिक प्रबंधक की जांच में सामने आया कि टिकट बुकिंग के दौरान मोबाइल नंबर दर्ज करने में गलती हुई थी। इसके कारण टिकट की जानकारी गलत व्यक्ति तक पहुंची और उसने टिकट रद्द कर दिया था।
जांच के बाद रेलवे ने महिला के खिलाफ दर्ज मामला वापस ले लिया।
नौकरी भी चली गई
इस घटना का असर महिला की नौकरी पर भी पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले के कारण उनकी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट नौकरी चली गई। मानवाधिकार आयोग ने इस नुकसान को भी गंभीरता से लिया और महिला को राहत देने के लिए रेलवे को मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
मानवाधिकार आयोग ने रेलवे को दिए निर्देश
केरल राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस अलेक्जेंडर थॉमस ने रेलवे को जयस्मिता को एक महीने के भीतर 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच करने और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार उनसे मुआवजे की राशि वसूलने की बात भी कही है।
आयोग ने रात में अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।



