
उत्तराखंड में खराब मौसम के चलते चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित
उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार, 3 जुलाई 2025 को खराब मौसम के मद्देनज़र चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता सभी यात्रियों की सुरक्षा है। सभी ज़िला प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमें, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ पूरी तरह सतर्क और तैनात हैं।”
केदारनाथ धाम यात्रा भी रोकी गई
रुद्रप्रयाग पुलिस के अनुसार, सोनप्रयाग क्षेत्र के मुनकटिया स्लाइडिंग ज़ोन में मलबा और पत्थर गिरने के कारण केदारनाथ धाम की यात्रा भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है। प्रशासन के अनुसार, “जब तक मार्ग पूरी तरह साफ नहीं हो जाता, यात्रा स्थगित रहेगी।”
चॉपर दुर्घटना में छह श्रद्धालुओं की मौत
यात्रा के दौरान एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जिनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। यह हादसा भी खराब मौसम के दौरान हुआ।
चारधाम यात्रा का महत्व
चारधाम यात्रा—केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ यात्राओं में से एक है।
उत्तराखंड सरकार ने हाल के वर्षों में सड़क, हेलिकॉप्टर सेवा और आवास जैसी सुविधाओं में सुधार किया है जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।
इस वर्ष, केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई है, जिसे अधिकारियों ने बेहतर सुविधाएं और लोगों की बढ़ती आस्था का परिणाम बताया है।
केदारनाथ मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है, 11,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। वर्ष 2025 के लिए मंदिर के कपाट 2 मई को खोले गए थे।



