नैनीताल: उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए। इस दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें एक युवती ने आरोप लगाया कि उसे पिछले आठ वर्षों से घर में बंधक बनाकर रखा गया है।
नैनीताल स्थित राज्य अतिथि गृह में आयोजित इस जनसुनवाई में महिला आयोग की अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों ने महिलाओं की समस्याओं को सुना। विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, संपत्ति विवाद और पारिवारिक प्रताड़ना से जुड़े मामलों की शिकायतें आयोग के सामने रखीं।
जनसुनवाई के दौरान नैनीताल निवासी एक युवती ने बताया कि उसके पिता उस पर लंबे समय से अत्याचार कर रहे हैं और उसे घर में कैद करके रखा गया है। युवती का आरोप है कि उसे पढ़ाई और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी। उसने यह भी कहा कि उसके पिता द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा है।
महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो पीड़िता को हर संभव कानूनी सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
जनसुनवाई में आए अन्य मामलों में भी महिलाओं ने घरेलू हिंसा, मारपीट, संपत्ति विवाद और परिवारिक प्रताड़ना की शिकायतें दर्ज कराईं। आयोग के अधिकारियों ने सभी मामलों को दर्ज करते हुए संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए।
महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ऐसी जनसुनवाई नियमित रूप से आयोजित की जाती रहेंगी, ताकि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल सके।



