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असफल अभ्यर्थियों को भी उत्तर पुस्तिकाएं देखने का अधिकार: हाईकोर्ट

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नैनीताल: Uttarakhand High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि परीक्षा में असफल हुए अभ्यर्थियों को भी अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का निरीक्षण करने का अधिकार है। अदालत ने Uttarakhand Public Service Commission (यूकेपीएससी) के उस नियम को असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उत्तर पुस्तिकाओं का निरीक्षण केवल अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही संभव होगा।

यह मामला यूकेपीएससी द्वारा आयोजित चयन परीक्षा से जुड़ा था। आयोग ने 18 जुलाई 2024 को 99 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती प्रक्रिया में पहले चरण में हिंदी-अंग्रेजी टाइपिंग, कंप्यूटर ज्ञान और शॉर्टहैंड से संबंधित परीक्षाएं आयोजित की गई थीं।

कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया कि उन्होंने प्रारंभिक चरण की परीक्षाएं सफलतापूर्वक पास की थीं और शॉर्टहैंड परीक्षा में भी अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन अंतिम परिणाम में उन्हें असफल घोषित कर दिया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने मूल्यांकन में संभावित त्रुटि की आशंका जताते हुए अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के निरीक्षण की मांग की।

जब आयोग ने अपने नियम “नोट-4” का हवाला देते हुए निरीक्षण की अनुमति देने से इनकार कर दिया, तो अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खंडूरी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाएं देखने का अधिकार दिया जाना चाहिए।

अदालत ने स्पष्ट किया कि यूकेपीएससी का नोट-4, जो उत्तर पुस्तिकाओं के निरीक्षण को अंतिम परिणाम के बाद तक सीमित करता है, संविधान के अनुरूप नहीं है। कोर्ट ने इसे असंवैधानिक घोषित करते हुए अभ्यर्थियों को अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखने की अनुमति देने का निर्देश दिया।

इस फैसले को परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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