अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर: टफन ग्लास महंगा, निर्माण कारोबार पर बढ़ा दबाव
कच्चे माल की कीमतों में उछाल और सिलेंडर की कमी से बढ़ी लागत, कारोबारियों को उठाने पड़ रहे अतिरिक्त बोझ

देहरादून।
अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब निर्माण क्षेत्र से जुड़े कारोबारों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खासतौर पर टफन ग्लास के व्यापार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है, जिससे कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
जानकारों के अनुसार, कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत और कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते उत्पादन लागत में भारी इजाफा हुआ है। इसके चलते कारोबारियों को अब वैकल्पिक व्यवस्थाएं अपनानी पड़ रही हैं।
कीमतों में भारी उछाल
टफन ग्लास के होलसेलर सचिन चौबे के मुताबिक, युद्ध से पहले प्लेन ग्लास की कीमत करीब 120 रुपये प्रति फीट थी, लेकिन वर्तमान हालात में टफन ग्लास की कीमत बढ़कर 280 से 320 रुपये प्रति फीट तक पहुंच गई है।
कीमतों में इस अचानक वृद्धि का सीधा असर बाजार की मांग पर भी पड़ा है। ग्राहकों की संख्या में कमी देखी जा रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
निर्माण कार्यों पर असर
टफन ग्लास का इस्तेमाल घर और ऑफिस निर्माण, वाहनों के ग्लास और इंटीरियर वर्क में बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने से निर्माण क्षेत्र की लागत भी बढ़ रही है।



