देहरादून: ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उद्योगों को राहत, यूपीसीएल ने सस्ती दरों से बढ़ावा देने की बनाई नई रणनीति

उत्तराखंड में उद्योगों को बढ़ावा देने और बिजली खपत बढ़ाने के लिए नियामक आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए उद्योगों की बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन एचटी इंडस्ट्री श्रेणी में बदलाव कर अधिक खपत करने वाले उद्योगों को सस्ती बिजली देने का रास्ता साफ किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत पहले 40 प्रतिशत लोड फैक्टर तक बिजली दर 6.45 रुपये और उससे ऊपर 6.85 रुपये प्रति यूनिट थी। अब इस श्रेणी को बदलकर 50 प्रतिशत लोड फैक्टर कर दिया गया है। यानी 50 प्रतिशत तक खपत पर 6.85 रुपये प्रति यूनिट और इससे अधिक खपत करने पर 6.60 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू होगी। इससे उद्योगों को अधिकतम बिजली उपयोग के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उत्पादन लागत घटेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सौर ऊर्जा अवधि में 25 किलोवाट से अधिक भार वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं (एलटी और एचटी) को 22.5 प्रतिशत तक सस्ती बिजली मिलेगी। आयोग का मकसद पीक आवर में यूपीसीएल पर दबाव कम करना और बाजार से महंगी बिजली खरीद पर निर्भरता घटाना है।
इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पूरी बिजली ग्रीन सोर्स से लेने वाले उद्योगों के लिए 39 पैसे प्रति यूनिट ग्रीन टैरिफ भी मंजूर किया गया है। माना जा रहा है कि यह फैसला उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश, उत्पादन और ऊर्जा दक्षता को नई रफ्तार देगा।



