देहरादून: चारधाम यात्रा 2026 से पहले आपदा प्रबंधन की बड़ी तैयारी, 10 अप्रैल को सात जिलों में होगी मॉकड्रिल

चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर 10 अप्रैल को राज्य के सात जिलों में व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में सभी विभाग यात्रा को लेकर अलर्ट मोड में हैं। इस मॉकड्रिल का उद्देश्य सभी हितधारकों—प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, SDRF, NDRF और स्थानीय एजेंसियों—की तत्परता, समन्वय क्षमता और रिस्पॉन्स टाइम को परखना है।
यह अभ्यास उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी और देहरादून जिलों में होगा। मॉकड्रिल को आईआरएस (Incident Response System) के तहत संचालित किया जाएगा, जिसमें भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, सड़क अवरोध और संचार बाधा जैसी संभावित आपदाओं के परिदृश्य शामिल होंगे।
मेजर जनरल सुधीर बहल ने कहा कि यात्रा मार्ग पर रिसोर्स और रिस्क मैपिंग, GIS आधारित लोकेशन ट्रैकिंग, होटल-धर्मशालाओं की क्षमता आकलन और वैकल्पिक संचार व्यवस्था को भी टेस्ट किया जाएगा, ताकि आपदा की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक तेजी से पहुंचाया जा सके।



