भारतीय नौसेना को मिली बड़ी ताकत: INS तारागिरी और परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन शामिल, समुद्री सुरक्षा हुई और मजबूत

भारत की समुद्री शक्ति को शुक्रवार को बड़ा मजबूती भरा बढ़ावा मिला, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम में स्टील्थ फ्रिगेट INS तारागिरी और स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिदमन को भारतीय नौसेना में शामिल किया। यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक क्षमता और न्यूक्लियर ट्रायड को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
INS तारागिरी प्रोजेक्ट 17A के तहत बनी एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है, जिसमें आधुनिक रडार, मिसाइल सिस्टम और कम रडार सिग्नेचर जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह युद्धपोत दुश्मन की नजरों से बचते हुए लंबी दूरी तक समुद्री निगरानी और हमला करने में सक्षम है।


वहीं INS अरिदमन भारत की तीसरी स्वदेशी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी है, जिसे अरिहंत क्लास का उन्नत संस्करण माना जा रहा है। करीब 7000 टन वजनी यह पनडुब्बी लंबी अवधि तक समुद्र के भीतर रहकर रणनीतिक मिशन अंजाम दे सकती है, जिससे भारत की second-strike capability और मजबूत होगी।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन दोनों प्लेटफॉर्म्स की इंडक्शन से भारतीय नौसेना की ब्लू वॉटर ऑपरेशनल क्षमता, स्टील्थ स्ट्राइक पावर और समुद्री प्रतिरोधक क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। यह आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा निर्माण की दिशा में भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।



