बुलंदशहर: टीएचडीसी खुरजा पावर प्लांट बायोडायवर्सिटी हब बन गया, प्रवासी पक्षियों का ठिकाना बना कृत्रिम तालाब

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के खुर्जा स्थित THDC थर्मल पावर प्लांट का परिसर अब सिर्फ बिजली उत्पादन का केंद्र नहीं रहा — यह प्राकृतिक विविधता और पक्षियों की गतिविधियों का आकर्षक बायोडायवर्सिटी हब भी बन गया है।
पावर प्लांट के आसपास 120 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए गए हरे-भरे वन क्षेत्र और कृत्रिम तालाबों ने वातावरण को पक्षियों के लिए उपयुक्त आवास में बदल दिया है। स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमियों के मुताबिक, इन तालाबों और वनस्पति से भरे हिस्सों पर प्रवासी और स्थानीय पक्षी दोनों की चहचहाहट सुनाई देती है, जिससे यह जगह पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कृत्रिम जल स्रोत और संरक्षण प्रयास प्रवासियों के लिए सहज विश्राम स्थल उपलब्ध कराते हैं, जो हर साल लंबी दूरी तय कर मौसम बदलने पर अपने रूट पर रुकते हैं। इसके अलावा पावर प्लांट के जंगल और पानी के स्त्रोतों की उपस्थिति ने स्थानीय जैव विविधता को भी मजबूती दी है।
यह हब न सिर्फ पक्षी और बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए अच्छा अनुभव प्रदान करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैविक विविधता के महत्व को भी उजागर करता है। स्थानीय प्रशासन और THDC की पर्यावरण व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए यह क्षेत्र अब बायोडायवर्सिटी पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।



