उत्तराखंड में जनगणना की तैयारी तेज सबसे पहले राज्यपाल और सीएम करेंगे अपने आवास की स्वगणना

देहरादून (उत्तराखंड):
उत्तराखंड में जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस चरण की शुरुआत राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की स्वगणना (Self Enumeration) से होगी।
जनगणना निदेशालय के अनुसार, प्रदेश में 10 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सबसे पहले वीआईपी लोगों के आवास पर स्वगणना कराई जाएगी, जिसके बाद आम जनता को इसमें शामिल किया जाएगा।
इस बार जनगणना को डिजिटल बनाया गया है। लोग घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
यह प्रक्रिया डेटा को अधिक सटीक और तेज बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
जनगणना के पहले चरण के तहत 25 अप्रैल से प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
अगर कोई व्यक्ति पहले ही ऑनलाइन स्वगणना कर चुका होगा, तो प्रगणक केवल उसकी जानकारी का सत्यापन करेंगे।
स्वगणना के दौरान लोगों को किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। उन्हें केवल पोर्टल पर लॉगिन कर करीब 33 सवालों के जवाब देने होंगे।



