देहरादून में अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर सख्ती: मानक पूरे बिना नहीं मिलेगी अनुमति

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब निर्धारित मानकों और पीसीपीएनडीटी एक्ट के पालन के बिना किसी भी सेंटर को अनुमति नहीं दी जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा और जांच की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी अल्ट्रासाउंड, सोनोग्राफी और डायग्नोस्टिक सेंटरों को मशीनों की गुणवत्ता, प्रशिक्षित तकनीशियन, रिकॉर्ड में पारदर्शिता और कानूनी लाइसेंसिंग मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। मानक पूरे न करने वाले केंद्रों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण, सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम समय-समय पर निरीक्षण अभियान चलाकर केंद्रों की जांच करेगी। खासतौर पर गर्भस्थ शिशु के लिंग निर्धारण रोकने से जुड़े पीसीपीएनडीटी नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिना पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा मानकों के नए सेंटरों को मंजूरी नहीं मिलेगी।
इस फैसले के बाद देहरादून के निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इससे डायग्नोस्टिक सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा और नियामकीय पारदर्शिता में बड़ा सुधार होगा।



