भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग को नई रफ्तार — राजनाथ सिंह और रिचर्ड मार्ल्स ने तीन अहम समझौतों पर किए हस्ताक्षर!!

कैनबरा में हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा सहयोग को गहराई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष रिचर्ड मार्ल्स ने तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान, पनडुब्बी खोज एवं बचाव सहयोग, और संयुक्त स्टाफ वार्ता तंत्र की स्थापना शामिल है। दोनों देशों ने यह भी तय किया कि अब वे संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप को अंतिम रूप देंगे और 2009 के सुरक्षा समझौते की जगह एक दीर्घकालिक रक्षा ढांचा तैयार करेंगे।
राजनाथ सिंह की यह यात्रा 2014 के बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की पहली आधिकारिक ऑस्ट्रेलिया यात्रा है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि मुक्त व सुरक्षित समुद्री मार्ग, हवाई सुरक्षा और निर्बाध व्यापार के लिए क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। मार्ल्स ने स्पष्ट किया कि चीन की आक्रामक गतिविधियाँ दोनों देशों के लिए साझा सुरक्षा चुनौती हैं। वहीं भारत ने कहा कि वह आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ वैश्विक एकता की अपील करता है। राजनाथ सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा —
> “हमने रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की समीक्षा की। हमारी रणनीतिक साझेदारी अब पहले से अधिक मजबूत है।”
दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद मिलिट्री लॉजिस्टिक्स सपोर्ट एग्रीमेंट (MLSA, 2020) के बाद अब वायुसेना स्तर पर एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग समझौता भी लागू कर दिया गया है। राजनाथ सिंह को इस दौरान KC-30A टैंकर विमान से उड़ान भरते हुए F-35 फाइटर जेट में हवा में ईंधन भरने का लाइव डेमो भी दिखाया गया।
भारत अब ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस जैसे क्षेत्रीय साझेदारों के साथ रक्षा सहयोग को और गति देने पर ध्यान दे रहा है, ताकि चीन के बढ़ते प्रभाव का संतुलन बनाया जा सके।


