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श्री सत्य साई बाबा की शताब्दी पर PM मोदी का संदेश: सेवा ही मानवता की असली शक्ति

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पुट्टापर्थी, आंध्र प्रदेश में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री सत्य साई बाबा की जन्म शताब्दी समारोह में शामिल होकर इसे भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव बताया। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने महारसमाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री सत्य साई बाबा शारीरिक रूप से भले ही उपस्थित न हों, लेकिन उनके उपदेश आज भी 140 से अधिक देशों में करोड़ों लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “उनकी शिक्षाएं, उनका प्रेम और सेवा की भावना हर किसी को प्रेरित करती है।”

प्रधानमंत्री ने ‘सेवा परमो धर्मः’ के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि भारत की सभ्यता को सदियों तक टिकाए रखने में सेवा की भावना ने सबसे बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सत्य साई बाबा ने सेवा को मानव जीवन का मूल मंत्र बनाया, और उनके संस्थान आज भी उसी भावना को जीवित रखते हैं।

उन्होंने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे प्रमुख कार्यों का उल्लेख किया—

>रेयलसीमा में 3,000 किमी से अधिक पाइपलाइन बिछाकर पेयजल उपलब्ध कराना

>ओडिशा में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 1,000 घरों का निर्माण

>ऐसे अस्पताल जहाँ “बिलिंग काउंटर” तक नहीं है और पूरा उपचार निःशुल्क है

प्रधानमंत्री ने ट्रस्ट द्वारा 20,000 से अधिक सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाने की पहल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देशभर में 4 करोड़ से अधिक खाते खुल चुके हैं और इन खातों में जमा राशि ₹3.25 लाख करोड़ से ज्यादा है।

इसके बाद पीएम मोदी ने गौ-दान कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहाँ गरीब किसान परिवारों को 100 गायें दान की गईं। उन्होंने भारतीय समाज में गौवंश के सांस्कृतिक, पोषण और आर्थिक महत्व पर भी विस्तार से बातें कीं।

प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से “वोकल फॉर लोकल” को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना विकसित भारत के लिए अनिवार्य है। शताब्दी वर्ष को उन्होंने राष्ट्र के कर्तव्य काल के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।

कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर ₹100 का स्मारक सिक्का और डाक टिकटों का एक विशेष सेट भी जारी किया।

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