ईरान संकट का असर: खाड़ी देशों में तनाव से यूपी के निर्यात को बड़ा झटका, 6 हजार करोड़ तक नुकसान की आशंका

पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान संकट और खाड़ी देशों में जारी तनाव का सीधा असर उत्तर प्रदेश के निर्यात कारोबार पर पड़ता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो राज्य के निर्यातकों को करीब 6 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।
खाड़ी देश उत्तर प्रदेश के लिए प्रमुख निर्यात बाजारों में शामिल हैं। प्रदेश से बड़ी मात्रा में चमड़ा उत्पाद, हैंडीक्राफ्ट, कालीन, कांच उत्पाद, रेडीमेड गारमेंट्स और खाद्य सामग्री इन देशों में भेजी जाती है। मौजूदा तनाव के कारण शिपमेंट में देरी, ऑर्डर रद्द होने और भुगतान अटकने की स्थिति बन रही है, जिससे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
निर्यातकों का कहना है कि समुद्री मार्गों पर सुरक्षा जोखिम और बीमा प्रीमियम में बढ़ोतरी से लागत भी बढ़ रही है। कई कंपनियों ने नए ऑर्डर लेने में सावधानी बरतनी शुरू कर दी है। यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो छोटे और मध्यम उद्योगों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
व्यापार संगठनों ने केंद्र सरकार से स्थिति पर नजर रखते हुए निर्यातकों के लिए राहत पैकेज या विशेष सहायता की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर हस्तक्षेप नहीं हुआ तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर भी असर पड़ सकता है।



