भारत ने चीन को रेयर अर्थ मैग्नेट्स के लिए एंड-यूजर सर्टिफिकेट देने में सहयोग का संकेत दिया!!

वैश्विक सप्लाई चेन में चीन के बढ़ते प्रतिबंधों के बीच भारत ने संकेत दिया है कि वह रेयर अर्थ एलिमेंट्स और रेयर अर्थ मैग्नेट्स के आयात के लिए चीन को आवश्यक ‘एंड-यूजर सर्टिफिकेट’ प्रदान करने में हिचकिचाएगा नहीं। यह कदम भारत की एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण संसाधनों की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकता है, जहां चीन दुनिया के 90% से अधिक उत्पादन पर नियंत्रण रखता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक प्रमाणपत्रों के लिए अपने दायित्वों का पालन करता है और जहां जरूरत होती है, वहां एंड-यूजर सर्टिफिकेट दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पिछली मुलाकात में द्विपक्षीय व्यापार घाटे को कम करने पर चर्चा हुई थी।
चीन की मुख्य चिंता यह है कि भारत को मिलने वाले ये मैग्नेट अमेरिका या किसी तीसरे देश को निर्यात न हों। इसी कारण यह सुनिश्चित करने के लिए एंड-यूजर सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है कि सामग्री केवल घरेलू उपयोग के लिए ही इस्तेमाल होगी।
भारत ने इस दिशा में राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन शुरू किया है, जो घरेलू उत्पादन बढ़ाने, सप्लाई चेन मजबूत करने और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज व प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने का काम करेगा। रेयर अर्थ एलिमेंट्स का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टरबाइन, विमान इंजन, सेमीकंडक्टर उपकरण और सैन्य राडार में किया जाता है।
यदि भारत और चीन इस मुद्दे पर सहमति बनाते हैं, तो यह दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में मजबूती लाने के साथ-साथ वैश्विक सप्लाई चेन में भी संतुलन ला सकता है।

