देहरादून स्थित दून मेडिकल कॉलेज में रविवार को सर्जरी विभाग द्वारा पीजी चिकित्सकों के लिए आंतों को जोड़ने (इंटेस्टाइनल एनास्टोमोसिस) की अत्याधुनिक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह कार्यशाला प्राचार्य डॉ. गीता जैन के निर्देशों पर आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला के दौरान पीजी चिकित्सकों को एनिमल मॉडल पर आंतों को जोड़ने की जटिल सर्जिकल प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी का सहयोग लिया गया है, जो कार्यशाला से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण और सामग्री उपलब्ध कराएगी।
दून मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार की तकनीक पर आधारित यह अब तक की पहली कार्यशाला होगी। आंतों को जोड़ने की प्रक्रिया एक जटिल सर्जिकल तकनीक मानी जाती है, जिसमें सर्जनों की उच्च स्तर की दक्षता और सटीकता बेहद जरूरी होती है।
हाल के महीनों में दून अस्पताल में इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर बनने के बाद ऐसे ऑपरेशनों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में इस कार्यशाला से चिकित्सकों की विशेषज्ञता और दक्षता में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा।
इसके साथ ही इंटर्न और एमबीबीएस छात्रों के लिए नोटिंग, स्यूचरिंग (टांके लगाने) और क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में महंत इंद्रेश अस्पताल और देहरादून सर्जिकल सोसाइटी के चिकित्सक भी भाग लेंगे।



