बदरीनाथ वन प्रभाग के जंगलों में सबसे ज्यादा वनाग्नि, फायर सीजन में बढ़ी चिंता

उत्तराखंड में जारी फायर सीजन के दौरान सबसे अधिक वनाग्नि की घटनाएं बदरीनाथ वन प्रभाग के जंगलों में दर्ज की गई हैं। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 15 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन में राज्य के विभिन्न हिस्सों में आग की घटनाएं सामने आईं, लेकिन बदरीनाथ वन प्रभाग सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में रहा है।
वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं ने पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। आग लगने से वन क्षेत्र, जैव विविधता और वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके साथ ही स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
वन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और आग बुझाने के कार्य में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन गर्मी, सूखे मौसम और तेज हवाओं के कारण आग फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ता तापमान, लंबे समय तक शुष्क मौसम और मानवीय गतिविधियां वनाग्नि की प्रमुख वजहों में शामिल हैं। हर वर्ष गर्मियों के दौरान उत्तराखंड के जंगलों में आग की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान होता है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगलों के आसपास आग जलाने, जलती हुई वस्तुएं फेंकने और अन्य लापरवाह गतिविधियों से बचें। विभाग का कहना है कि स्थानीय समुदायों के सहयोग से ही वनाग्नि की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।



