उत्तराखंड: सितारगंज में अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, अल बदर से जुड़े तारों ने बढ़ाई चिंता

ऊधम सिंह नगर के सितारगंज में पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पांच अवैध हथियार, 222 कारतूस और 129 खोखे बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल बदर से जुड़े होने की बात सामने आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध कार को सिडकुल फेस-2 के पास घेराबंदी कर रोका। तलाशी के दौरान कार से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद हुए। मौके से हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू को गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर कोर्ट से रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि पुलिस दबिश के बाद वे चोरगलिया के जंगल में हथियार छिपाने जा रहे थे, तभी टीम ने उन्हें दबोच लिया। मामले की तकनीकी जांच और बैंक खातों की पड़ताल में जम्मू-कश्मीर की कई बैंक शाखाओं में संदिग्ध लेन-देन सामने आया। इसी कड़ी में रेहान मीर नाम के एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) का नाम सामने आया, जो कथित तौर पर अल बदर से जुड़ा बताया जा रहा है।
जांच एजेंसियों को शक है कि जम्मू-कश्मीर से भेजी गई रकम के बदले सितारगंज से हथियारों की सप्लाई की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और जम्मू-कश्मीर पुलिस को भी अलर्ट किया गया है। अब इस नेटवर्क के दूसरे राज्यों और संभावित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े तारों की भी गहन जांच की जा रही है।



