प्रयागराज: 40 साल पुराने हत्या मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दो दोषियों की उम्रकैद रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 40 साल पुराने हत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दी गई उम्रकैद की सजा रद्द कर दी। कोर्ट ने कहा कि मामले की विवेचना एकतरफा ढंग से की गई थी और उपलब्ध साक्ष्य दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। यह मामला शाहजहांपुर में चार दशक पहले हुई हत्या से जुड़ा है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि जांच एजेंसी ने मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं की। अदालत ने यह भी माना कि ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और गवाहों के बयानों का समुचित मूल्यांकन किए बिना आरोपियों को दोषी ठहरा दिया था। इसी आधार पर दोनों अभियुक्तों की आजीवन कारावास की सजा को निरस्त कर दिया गया।
यह मामला करीब 40 वर्ष पुराना होने के कारण कानूनी हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्य सबसे अहम होते हैं, और यदि जांच पक्षपातपूर्ण या एकतरफा हो तो दोषसिद्धि टिक नहीं सकती।
हाईकोर्ट के इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया में निष्पक्ष जांच के महत्व के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय बाद आए इस निर्णय से पुराने लंबित मामलों में भी न्याय की उम्मीद जगी है।



