कानपुर: चलती कैब में चलता था IPL सट्टे का ‘मोबाइल ऑपरेशन सेंटर’, 100 करोड़ के इंटरनेशनल रैकेट का भंडाफोड़

कानपुर पुलिस ने IPL सट्टेबाजी और ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले तीन महीनों में करीब 100 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन कर चुका था। पुलिस के मुताबिक नेटवर्क के तार दुबई, कंबोडिया और थाईलैंड से जुड़े मिले हैं, जहां से पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट किया जा रहा था।
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए ओला-उबर जैसी चलती कैब को ही मोबाइल ऑपरेशन सेंटर बना लेते थे। इसी दौरान बैंक खातों से रकम की निकासी, ट्रांसफर और सट्टे से जुड़े लेनदेन किए जाते थे, ताकि लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो। गिरोह टेलीग्राम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए नए यूजर्स जोड़ता था और शुरुआत में छोटी रकम जिताकर भरोसा जीतने के बाद बड़ी रकम डुबो देता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 26 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 54 एटीएम कार्ड, 30 सिम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और दो वाहन बरामद किए हैं। इसके अलावा अब तक करीब 50 लाख रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं। जांच एजेंसियों को सैकड़ों संदिग्ध बैंक खातों और फर्जी KYC दस्तावेजों की जानकारी भी मिली है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह रैकेट केवल कानपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ था और करीब 400 लोग अलग-अलग स्तर पर नेटवर्क से जुड़े थे। गिरफ्तार आरोपी मुख्य रूप से फंड मैनेजमेंट, बैंकिंग चैन और रकम की निकासी का काम संभालते थे। फरार मास्टरमाइंड्स की तलाश जारी है और हवाला व अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एंगल से भी जांच तेज कर दी गई है।



