उत्तराखंड में महंगा हुआ सफर, ईंधन कीमतें बढ़ने के बाद पहाड़ी रूटों पर किराया बढ़ा

उत्तराखंड में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। ईंधन महंगा होने के बाद कुमाऊं और गढ़वाल के कई पहाड़ी रूटों पर बस और टैक्सी किराए में बढ़ोतरी कर दी गई है। इससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कई रूटों पर परिवहन संचालकों ने किराया बढ़ाने का फैसला लिया है। परिवहन यूनियनों का कहना है कि लगातार बढ़ती डीजल कीमतों और परिचालन खर्च के कारण किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया था।
बताया जा रहा है कि कुछ रूटों पर बस किराए में 5 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। वहीं टैक्सी और मैक्सी कैब संचालकों ने भी नए किराए लागू करने शुरू कर दिए हैं। सबसे ज्यादा असर दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ सकता है।
परिवहन कारोबारियों का कहना है कि केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि वाहन रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और टोल शुल्क में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में पुराने किराए पर संचालन करना मुश्किल हो गया था।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने किराया वृद्धि पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पहले से ही महंगाई बढ़ी हुई है और अब परिवहन खर्च बढ़ने से आम लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी।



