भारतीय नौसेना को जल्द मिलेंगे तीन स्वदेशी युद्धपोत, समुद्री ताकत होगी और मजबूत

भारतीय नौसेना जल्द ही तीन अत्याधुनिक स्वदेशी युद्धपोत — दूनागिरी, अग्रय और संशोधक — को अपने बेड़े में शामिल करने जा रही है। इन युद्धपोतों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री ताकत और निगरानी क्षमता को बड़ी मजबूती मिलेगी।
ये तीनों पोत कोलकाता स्थित Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) द्वारा तैयार किए गए हैं। दूनागिरी एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है, जिसे प्रोजेक्ट 17A के तहत विकसित किया गया है। इसमें आधुनिक हथियार, मिसाइल सिस्टम और उन्नत रडार तकनीक लगाई गई है।
वहीं ‘अग्रय’ एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट है, जिसे समुद्र में दुश्मन पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए डिजाइन किया गया है। ‘संशोधक’ एक आधुनिक सर्वेक्षण पोत है, जो समुद्री सर्वेक्षण, हाइड्रोग्राफी और समुद्री अनुसंधान कार्यों में उपयोग होगा।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इन युद्धपोतों में बड़ी मात्रा में स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती देता है। भारतीय नौसेना लगातार अपने बेड़े का आधुनिकीकरण कर रही है ताकि समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता को और मजबूत बनाया जा सके।



