देवप्रयाग हादसे में जल्दबाजी का एंगल, 10 दिन की चारधाम यात्रा 7 दिन में पूरी करने की कोशिश बनी दुर्घटना की वजह

देवप्रयाग: देवप्रयाग के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे की जांच में जल्दबाजी को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, राजस्थान से आए तीर्थयात्री निर्धारित 10 दिन की चारधाम यात्रा को महज सात दिनों में पूरा करने की कोशिश कर रहे थे। इसी जल्दबाजी के चलते लगातार लंबी दूरी की यात्रा और थकान दुर्घटना की वजह बन सकती है।
बताया जा रहा है कि तीर्थयात्रियों का वाहन देवप्रयाग क्षेत्र में अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया था, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हुई, जबकि कुछ लोग लापता बताए गए।
चारधाम यात्रा के दौरान प्रशासन लगातार यात्रियों से निर्धारित यात्रा कार्यक्रम का पालन करने, पर्याप्त विश्राम लेने और वाहन चालकों पर अनावश्यक दबाव न बनाने की अपील करता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी मार्गों पर जल्दबाजी और थकान गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
प्रशासन अब हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा, लेकिन प्रारंभिक तौर पर यात्रा को कम समय में पूरा करने की कोशिश को महत्वपूर्ण कारकों में माना जा रहा है।



