ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देने की तैयारी, देश में पांच नए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बनाएगी सरकार

देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार पांच नए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व) स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इन नए भंडारों का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों, वैश्विक आपूर्ति संकट और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव के दौरान देश में तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
योजना के तहत विभिन्न राज्यों में नए भंडारण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिससे भारत की कच्चे तेल के भंडारण की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्तमान में देश के पास विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार मौजूद हैं, जिन्हें अब और विस्तारित करने की तैयारी की जा रही है।
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध या आपूर्ति बाधित होने जैसी परिस्थितियों में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार देश के लिए सुरक्षा कवच का काम करते हैं। सरकार का मानना है कि नए भंडार बनने से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और आपूर्ति संकट की स्थिति में देश पर असर कम पड़ेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती ऊर्जा मांग और आयात पर निर्भरता को देखते हुए रणनीतिक भंडारण क्षमता बढ़ाना समय की जरूरत है। इससे न केवल आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि देश की दीर्घकालिक ऊर्जा नीति को भी मजबूती मिलेगी।



