उत्तराखंड के 2,959 सरकारी स्कूल एक शिक्षक के भरोसे, 38,608 छात्र हो रहे प्रभावित

देहरादून: उत्तराखंड की सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। राज्य में 2,959 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक के कंधों पर है। इन स्कूलों में कुल 38,608 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह जानकारी शिक्षा विभाग के आंकड़ों से सामने आई है।
एकल शिक्षक वाले इन विद्यालयों में एक ही शिक्षक को पढ़ाई कराने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य, रिकॉर्ड संधारण, मिड-डे मील की निगरानी और अन्य सरकारी जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को सभी विषयों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी, लगातार घटता नामांकन और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां इस समस्या की प्रमुख वजह हैं। कई स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों ने सरकार से रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां करने, एकल शिक्षक वाले स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि शिक्षकों की तैनाती और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।



