उत्तराखंड में बिजली 50% तक महंगी हो सकती है, नियामक आयोग ने मांगे जनता से सुझाव और आपत्तियां

देहरादून: उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं को आने वाले समय में बड़ा झटका लग सकता है। राज्य की विद्युत वितरण कंपनी यूपीसीएल (UPCL) ने बिजली दरों में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने सार्वजनिक सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उपभोक्ताओं से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं।
प्रस्ताव के अनुसार, यदि आयोग इस बढ़ोतरी को मंजूरी देता है तो घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। यूपीसीएल का कहना है कि बिजली खरीद लागत, संचालन एवं रखरखाव खर्च तथा अन्य वित्तीय दायित्वों में वृद्धि के कारण दर संशोधन की आवश्यकता पड़ी है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले उपभोक्ताओं, उद्योगों, व्यापारिक संगठनों और अन्य हितधारकों की राय ली जाएगी। इसके लिए निर्धारित अवधि के भीतर लिखित सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। सार्वजनिक सुनवाई के बाद सभी पक्षों पर विचार करते हुए अंतिम फैसला लिया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई थी। हालांकि अब नए प्रस्ताव ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। यदि प्रस्तावित वृद्धि लागू होती है तो राज्यभर के लाखों बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।



