उत्तरकाशी के विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल पर बड़ा संकट, 400 हेक्टेयर क्षेत्र में धंस रही जमीन

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल पर पर्यावरणीय संकट गहराता जा रहा है। भूमि धंसने और लगातार हो रहे मृदा कटाव के कारण करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि कभी हरे-भरे घास के मैदान अब कई स्थानों पर गहरी खाइयों में तब्दील होते जा रहे हैं, जिससे इस संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अनियंत्रित मृदा कटाव, वर्षा का बढ़ता प्रभाव और प्राकृतिक बदलावों के कारण बुग्याल की सतह तेजी से कमजोर हो रही है। यदि समय रहते प्रभावी संरक्षण उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले वर्षों में यह नुकसान और गंभीर रूप ले सकता है।
दयारा बुग्याल उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन और ट्रेकिंग स्थलों में शामिल है। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक और ट्रेकर्स पहुंचते हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि इस क्षेत्र के संरक्षण के लिए वैज्ञानिक अध्ययन, नियमित निगरानी और सतत पर्यटन नीति को प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।



