नेपाल संकट: अपनों से संपर्क टूटा, उत्तराखंड कंट्रोल रूम में आईं छह कॉल; आठ लोगों की जानकारी मिली

देहरादून। नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद वहां गए कई लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उत्तराखंड में उनके परिजन और परिचित लगातार मदद के लिए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से संपर्क कर रहे हैं। अब तक कंट्रोल रूम और जिलों की हेल्पलाइन पर छह फोन कॉल प्राप्त हुई हैं, जिनमें कुल आठ लोगों के बारे में जानकारी दी गई है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, इन आठ लोगों में तीन उत्तराखंड, दो अमेरिका, एक कनाडा और दो मुंबई के रहने वाले हैं। संबंधित लोगों के परिजनों या करीबी परिचितों ने हेल्पलाइन पर संपर्क किया है। इनकी जानकारी गृह मंत्रालय समेत संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है और लगातार समन्वय किया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है, जिससे यह पुष्टि हो कि नेपाल में फंसे लोग उत्तराखंड के निवासी हैं। वहीं, नेपाल आपदा में एक ब्रिटिश नागरिक मीना गुप्ता के लापता होने की सूचना भी सामने आई है। उनके परिजनों ने उनकी तलाश के लिए उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग से मदद मांगी है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोगों से संपर्क नहीं
कंट्रोल रूम को मिली सूचनाओं में कुछ लोग नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। इनमें अमेरिका निवासी जिगनेश मर्चेंट और तेजल मर्चेंट, मुंबई निवासी रामरमन व एआरके रमन और कनाडा निवासी मोहित कौशिक शामिल हैं। इसके अलावा नेपाल के तेमूर क्षेत्र से वीना कुलकर्णी और लंदन निवासी पंकज नाथ से संपर्क नहीं होने की सूचना भी दी गई है।
उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर अलर्ट
नेपाल संकट के बीच उत्तराखंड में भी मौसम को लेकर प्रशासन सतर्क है। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है और आने वाले दिनों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। 29 अगस्त को बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट, जबकि 30 अगस्त को सभी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा 31 अगस्त को चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और देहरादून में ऑरेंज अलर्ट तथा 1 सितंबर को देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम को देखते हुए सभी जिलों को एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।



