कानपुर विमान हादसा: तीसरे दिन भी जांच जारी, DGCA की टीम ने घटनास्थल से जुटाए अहम साक्ष्य

कानपुर। कानपुर में गंगा बैराज के पास हुए प्रशिक्षण विमान हादसे की जांच तीसरे दिन भी जारी रही। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए डीजीसीए और एएआईबी की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर विमान के मलबे और दुर्घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
27 अगस्त को गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक ट्विन इंजन प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में विमान में सवार प्रशिक्षु पायलट और फ्लाइट इंस्ट्रक्टर की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान प्रशिक्षण उड़ान पर था और दुर्घटना के समय कानपुर सिविल एयरपोर्ट की ओर लौट रहा था।
हादसे के बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच टीम विमान के मलबे, उड़ान से जुड़े रिकॉर्ड और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है, ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।
मलबे को किया जाएगा सील
जांच के दौरान दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे को सुरक्षित रखने के लिए सील कराने की प्रक्रिया भी की जाएगी। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच पूरी होने तक दुर्घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों में किसी तरह का बदलाव न हो।
फिलहाल हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि विमान दुर्घटना के पीछे तकनीकी खराबी, मौसम, मानवीय चूक या कोई अन्य कारण था।



