उत्तरकाशी: यमुनोत्री हाईवे की कटिंग से धंसा कंडारी मोटर मार्ग, 27 गांवों की आवाजाही प्रभावित; रस्सियों से पहुंचाया जा रहा दूध

उत्तरकाशी। यमुनोत्री हाईवे के चौड़ीकरण के दौरान हो रही कटिंग के कारण कंडारी मोटर मार्ग बार-बार धंस रहा है। मार्ग के लगातार बाधित होने से गोडर पट्टी के 27 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही और आजीविका प्रभावित हो रही है। कंडारी मोटर मार्ग पिछले तीन दिनों से बंद है।
मार्ग बंद होने के कारण क्षेत्र की नकदी फसल और सेब मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं, दुग्ध समितियों के लिए लाखामंडल संग्रह केंद्र तक दूध पहुंचाना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है। ग्रामीण दूध के ड्रमों को रस्सियों के सहारे ऊपर से नीचे उतारकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाने को मजबूर हैं।
दूध खराब होने का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि यदि दूध समय पर चिलिंग प्लांट तक नहीं पहुंचा तो उसके खराब होने का खतरा है। वहीं, सेब का सीजन चलने के कारण मार्ग बंद होने से काश्तकारों को आर्थिक नुकसान की चिंता भी सता रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, यमुनोत्री हाईवे की कटिंग के कारण कंडारी मोटर मार्ग बार-बार प्रभावित हो रहा है। जुलाई में समस्या सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने और एक महीने में स्थायी समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन करीब दो महीने बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप
क्षेत्र के राजेश बहुगुणा ने कहा कि मार्ग आए दिन बंद होने से ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने राजमार्ग निर्माण खंड पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
वहीं, पीएमजीएसवाई पुरोला के अधिशासी अभियंता योगेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें मार्ग बंद होने की जानकारी नहीं है। राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से सुरक्षात्मक कार्य कराने की बात कही गई थी, लेकिन बारिश के कारण काम नहीं हो पाया।
लगातार धंस रहे मार्ग ने क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने आवाजाही के साथ-साथ दूध और कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने का संकट खड़ा कर दिया है।



