उत्तराखंड: मान्यता न लेने वाले मदरसों पर प्रशासन का शिकंजा, रुद्रपुर में दो सील; प्रदेशभर में होगा निरीक्षण

देहरादून। उत्तराखंड में मान्यता और निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले मदरसों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर में लगातार दूसरे मदरसे को सील किया गया है, जबकि एक अन्य मदरसे को नोटिस जारी किया गया है। अब प्रदेशभर में ऐसे मदरसों का निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी है।
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के अनुसार, रुद्रपुर में सोमवार को एक मदरसे को सील किया गया था। इसके बाद मंगलवार को एक और मदरसे पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं, एक अन्य संस्था को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि जो मदरसे निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं, उनका प्रदेशभर में निरीक्षण किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
एक जुलाई से लागू हुई नई व्यवस्था
प्राधिकरण के अध्यक्ष ने बताया कि उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड की व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। इसके स्थान पर एक जुलाई 2026 से राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की नई व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों को उनकी धार्मिक पहचान से जोड़ते हुए उन्हें आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
प्राधिकरण के अनुसार, राज्य में कई मदरसे ऐसे हैं जिन्होंने अब तक मान्यता नहीं ली है और न ही मान्यता के लिए आवेदन किया है। ऐसे संस्थानों को निर्धारित मानकों को पूरा कर शिक्षा विभाग से मान्यता लेने के लिए कहा गया है।
कार्रवाई का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार
अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी संस्था को बंद करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना है। सरकार सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
प्रशासन अब मान्यता और तय मानकों का पालन नहीं करने वाले मदरसों का निरीक्षण करेगा। नियमों का पालन नहीं करने वाली संस्थाओं के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।



