पटना में गंगा का रौद्र रूप, कई सड़कें जलमग्न; आवाजाही पर रोक की तैयारी, प्रशासन हाई अलर्ट पर

पटना: बिहार की राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। गंगा के उफान के चलते पटना सिटी के निचले इलाकों और कई रास्तों पर पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और कई मार्गों पर आवाजाही प्रतिबंधित करने की तैयारी है।
कई रास्तों पर बढ़ा बाढ़ का असर
गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के इलाकों में पानी फैलने लगा है। निचले हिस्सों में सड़कों के जलमग्न होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों को अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
पटना में खतरे के निशान से ऊपर गंगा
जल संसाधन विभाग के रियल टाइम आंकड़ों के अनुसार, पटना के दीघाघाट और हाथीदह समेत कई स्थानों पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। दीघाघाट पर जलस्तर बढ़ रहा है, जबकि हाथीदह में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
धारा 163 लागू करने की तैयारी
स्थिति को देखते हुए पटना सिटी क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए जाने की संभावना है। इसका उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़ और अनावश्यक आवाजाही को नियंत्रित करना तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति की निगरानी की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे और जलमग्न रास्तों पर जाने से बचें तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
गंगा के साथ-साथ बिहार की कई अन्य नदियां भी उफान पर हैं। सरकारी निगरानी आंकड़ों में राज्य के कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।



