उत्तराखंड

अध्ययन: मांसपेशियों और दिल की सेहत के लिए विटामिन डी-3 ज्यादा असरदार, ICMR-NIN के शोध में खुलासा

Listen to this News

हैदराबाद: मांसपेशियों की मजबूती और हृदय की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने के मामले में विटामिन डी-3, विटामिन डी-2 की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकता है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए हालिया अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है। शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका Molecular Nutrition & Food Research में प्रकाशित हुआ है।

शोध के अनुसार, शरीर में कैल्शियम के संतुलन और हड्डियों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में विटामिन डी-2 और डी-3 दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। हालांकि, हड्डियों के अलावा मांसपेशियों की संरचना, पकड़ की ताकत और हृदय की कार्यप्रणाली जैसे पहलुओं में डी-3 का प्रभाव अधिक बेहतर पाया गया।

चूहों पर किया गया अध्ययन

वैज्ञानिकों ने अध्ययन के दौरान नर चूहों को अलग-अलग आहार समूहों में रखा। विटामिन डी की गंभीर कमी के बाद जिन समूहों को विटामिन डी-3 दिया गया, उनमें मांसपेशियों के फाइबर का आकार, प्रोटीन की मात्रा और शारीरिक ताकत तेजी से बहाल हुई।

इसके मुकाबले विटामिन डी-2 लेने वाले समूह में मांसपेशियों और हृदय की कोशिकाओं की रिकवरी अपेक्षाकृत धीमी देखी गई। शोधकर्ताओं ने हृदय के संकुचन और ऊर्जा चयापचय से जुड़े जीन की सक्रियता में भी डी-3 का प्रभाव अधिक पाया।

धूप से मिलता है विटामिन डी-3

शोधकर्ताओं के मुताबिक विटामिन डी-3 शरीर में मुख्य रूप से सूर्य की रोशनी के संपर्क से बनता है और कुछ पशु-आधारित खाद्य स्रोतों से भी प्राप्त होता है। वहीं, विटामिन डी-2 पौधों और यीस्ट जैसे स्रोतों से मिलता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अध्ययन खाद्य पदार्थों में विटामिन डी की फोर्टिफिकेशन और सप्लीमेंट से जुड़ी स्वास्थ्य नीतियों के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, यह अध्ययन चूहों पर किया गया है, इसलिए इसके निष्कर्षों को सीधे मनुष्यों पर लागू करने से पहले मानव अध्ययनों की जरूरत होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button