गुरु भक्ति की मिसाल: दिव्यांग गुरु को पीठ पर बैठाकर केदारनाथ यात्रा पर निकला युवक

ऋषिकेश में गुरु-शिष्य की अनोखी जोड़ी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सीओर गांव निवासी 20 वर्षीय दुर्गेश पंत अपने दिव्यांग गुरु बाबा विक्रम को पीठ पर उठाकर केदारनाथ धाम की कठिन यात्रा पर निकले हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य अपने गुरु को बाबा केदार के दर्शन कराना है।
बताया जा रहा है कि दुर्गेश पिछले करीब दस वर्षों से बाबा विक्रम के सानिध्य में हैं। जब उनके गुरु ने केदारनाथ जाने की इच्छा जताई, तो दुर्गेश ने इसे अपना सौभाग्य मानते हुए पैदल यात्रा शुरू कर दी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने किसी वाहन का सहारा नहीं लिया और अपने गुरु को पीठ पर बैठाकर ही यात्रा का संकल्प लिया।
मंगलवार को यह गुरु-शिष्य जोड़ी चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कई लोगों ने उन्हें पानी और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई, जबकि अन्य ने उनकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
दुर्गेश ने कहा कि उनके गुरु ने हमेशा जीवन में सही राह दिखाई है और हर कठिन समय में उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि गुरु उनके लिए भगवान के समान हैं और उनकी इच्छा पूरी करना ही सबसे बड़ी पूजा है। गुरु-शिष्य की यह कहानी श्रद्धा, समर्पण और सच्चे रिश्तों की मिसाल बनकर सामने आई है।



