देहरादून में गैस संकट से बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर

सिलेंडर की किल्लत से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित
देहरादून में एलपीजी गैस की किल्लत का असर अब बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। गैस सिलेंडर की समय पर आपूर्ति न होने के कारण उन्हें खाना बनाने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लंबे इंतजार और देरी से बढ़ी मुश्किलें
स्थिति यह है कि लोगों को गैस सिलेंडर के लिए तय समय से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में देरी हो रही है, जिससे खासकर अकेले रहने वाले बुजुर्गों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
लाइन में लगना भी बना चुनौती
कई बुजुर्गों के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर लगाना और लंबी लाइनों में खड़ा होना संभव नहीं है। ऐसे में उन्हें पड़ोसियों या परिचितों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
वैकल्पिक साधनों का सहारा
गैस की कमी के चलते कई लोग लकड़ी, कोयला या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने को मजबूर हैं, जो बुजुर्गों के लिए न केवल असुविधाजनक बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी जोखिम भरा है।



