केदारनाथ यात्रा 2026: 200 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, 14 SOS प्वाइंट सक्रिय, सुरक्षा पर हाईटेक फोकस

आगामी केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक से लैस बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार व्यापक इंतजाम किए हैं। रुद्रप्रयाग से लेकर केदारनाथ धाम तक पूरे यात्रा मार्ग पर करीब 200 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिए हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, इनमें से लगभग 181 कैमरे रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक विभिन्न संवेदनशील स्थानों, बाजारों, भूस्खलन क्षेत्रों और हेलीपैड पर सक्रिय रहेंगे। वहीं गौरीकुंड से केदारनाथ के पैदल मार्ग पर 16 विशेष कैमरे लगाए गए हैं, ताकि इस संवेदनशील रूट पर निगरानी और मजबूत हो सके।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरे मार्ग पर 14 SOS प्वाइंट भी स्थापित किए गए हैं। इनमें गौरीकुंड, जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली और रुद्रा प्वाइंट जैसे अहम पड़ाव शामिल हैं। खास बात यह है कि नेटवर्क न होने की स्थिति में भी यात्री इन SOS केंद्रों के जरिए सीधे जिला आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकेंगे और उनकी रियल टाइम लोकेशन ट्रेस की जा सकेगी।
इसके अलावा यात्रा मार्ग पर 5 ड्रोन कैमरों से एरियल मॉनिटरिंग, लगभग 5,000 घोड़ा-खच्चरों पर बारकोड और चिप, और ट्रैफिक व भीड़ प्रबंधन के लिए हाईटेक सर्विलांस सिस्टम भी तैनात किया गया है। गौरीकुंड, सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 300 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपात हालात से निपटने के लिए तैनात रहेंगे।
प्रशासन का दावा है कि इस बार श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और स्मार्ट यात्रा अनुभव मिलेगा, जिसमें 24 घंटे सक्रिय आपदा कंट्रोल रूम भी अहम भूमिका निभाएगा।



