चमोली: दो मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं के बाद भी नहीं बनी सड़क, ग्रामीणों में नाराजगी

चमोली जिले के देवाल–करणप्रयाग क्षेत्र में धुराधारकोट–वांक–पिनाऊं मोटर मार्ग की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा सड़क निर्माण की घोषणा किए जाने के बावजूद आज तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
जानकारी के अनुसार, यह 23 किलोमीटर लंबा मार्ग वर्ष 2015 में स्वीकृत हुआ था। इसके बाद वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने वाण क्षेत्र में सड़क निर्माण की घोषणा की थी, जबकि 2018 में एक बार फिर लोहाजंग में इसे बनाने का आश्वासन दिया गया। इसके बावजूद सड़क निर्माण की फाइलें लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के कार्यालयों के बीच अटकी हुई हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के अभाव में उन्हें रोजाना 5–7 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गांवों में राशन और जरूरी सामान खच्चरों के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों को बुनियादी सुविधा मिल सके।



