उत्तराखंड में आयुष शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा, पहाड़ी क्षेत्रों में खुलेंगे दो नए आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज

देहरादून: उत्तराखंड सरकार प्रदेश में आयुष शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में एक-एक नए आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए आयुष विभाग जल्द ही केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगा।
विधानसभा स्थित कार्यालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में आयुष मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को दोनों मंडलों में नए आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। सरकार का उद्देश्य दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के छात्रों को आयुष शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देना है।
बैठक में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत योग अनुदेशकों का मानदेय 250 रुपये प्रति घंटा से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति घंटा किए जाने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों के उच्चीकरण के लिए भी केंद्र से वित्तीय सहायता मांगने की तैयारी की जा रही है।
समीक्षा बैठक में रुड़की में बने नए एलोपैथिक भवन को आयुष विभाग को हस्तांतरित करने, पिरान कलियर में यूनानी चिकित्सालय के लिए वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने तथा प्रदेश में आयुष सेवाओं के विस्तार से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि इन कदमों से राज्य में आयुष शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।



