हरिश पनेरू का शराब विरोधी अभियान, 2027 उत्तराखंड चुनावों से पहले तेज हुई सियासी हलचल

उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनावों से पहले सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियाँ तेज होती नजर आ रही हैं। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता हरिश पनेरू एक बार फिर अपने शराब विरोधी अभियान को लेकर चर्चा में हैं। उनका यह अभियान राज्य में नशे के खिलाफ जनजागरण फैलाने के उद्देश्य से आगे बढ़ाया जा रहा है।
हरिश पनेरू लंबे समय से उत्तराखंड में शराबबंदी और नशामुक्त समाज की मांग को लेकर सक्रिय रहे हैं। इस बार उनका अभियान और अधिक संगठित रूप में सामने आ रहा है, जिसमें वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनसंपर्क कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
अभियान के तहत वे धार्मिक और नैतिक संदेशों का सहारा लेते हुए समाज को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बता रहे हैं। इसे आगामी चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के अभियानों का असर 2027 के चुनावी माहौल पर भी देखने को मिल सकता है, क्योंकि नशा और शराबबंदी उत्तराखंड में लंबे समय से एक संवेदनशील मुद्दा रहा है।



