इबोला प्रकोप को WHO ने घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल, क्या भारत पर है खतरा?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मध्य अफ्रीका में फैल रहे इबोला प्रकोप को “Public Health Emergency of International Concern (PHEIC)” घोषित कर दिया है। यह घोषणा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में बढ़ते मामलों के बाद की गई है, जहां अब तक सैकड़ों संदिग्ध मामले और दर्जनों मौतें सामने आ चुकी हैं।
WHO के अनुसार, यह प्रकोप इबोला के दुर्लभ बुंडिबुग्यो (Bundibugyo) स्ट्रेन से जुड़ा है, जिसमें तेजी से संक्रमण फैलने और गंभीर लक्षणों की वजह से चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने का खतरा पैदा कर सकती है।
भारत पर कितना खतरा?
भारत में फिलहाल इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार देश 2014 के बाद से इबोला-मुक्त है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक यात्रा और व्यापार को देखते हुए निगरानी बेहद जरूरी है। सरकार ने एयरपोर्ट्स और स्वास्थ्य एजेंसियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध मामले को तुरंत रोका जा सके।
क्या है इबोला?
इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलती है। यह बेहद घातक बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर 25% से 90% तक हो सकती है।



