IMD का अनुमान: जून में भीषण गर्मी का कहर, सामान्य से कमजोर रह सकता है मानसून

देशभर में इस साल मानसून को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि 2026 में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है, जबकि जून महीने में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर देखने को मिल सकता है।
IMD के अनुसार, इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रदर्शन सामान्य से कम रहने की संभावना है। विभाग ने अनुमान लगाया है कि देश में मानसूनी बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के करीब 92 प्रतिशत तक रह सकती है, जो सामान्य श्रेणी से नीचे मानी जाती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में विकसित हो रही एल नीनो (El Niño) परिस्थितियां मानसून को प्रभावित कर सकती हैं। इसके कारण कई राज्यों में बारिश कम होने और तापमान अधिक रहने की आशंका जताई गई है।
वहीं जून महीने में उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में हीटवेव की स्थिति गंभीर हो सकती है। IMD ने कुछ राज्यों में तेज गर्मी, लू और तापमान में बढ़ोतरी को लेकर चेतावनी जारी की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर मानसून का असर खेती, जल संकट और खाद्य महंगाई पर पड़ सकता है। किसान समुदाय के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती है।



