पिथौरागढ़ में मानसून की पहली बारिश बनी आफत, 40 गांवों का संपर्क टूटा, कई सड़कें बंद

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मानसून की पहली ही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हुई भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे करीब 40 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से कट गया है।
बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए हैं। कई ग्रामीण सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हो गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों, मरीजों और स्कूली बच्चों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर वाहन फंस गए और लोगों को पैदल सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें तैनात कर दी हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों और ग्रामीणों से मौसम की चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।



