महाराष्ट्र में इंसानियत की मिसाल: एंबुलेंस नहीं मिली तो दरवाजे को स्ट्रेचर बनाकर गर्भवती को बाढ़ के बीच अस्पताल पहुंचाया, बेटे को दिया जन्म

पालघर। महाराष्ट्र के पालघर जिले में भारी बारिश और बाढ़ के बीच मानवता की मिसाल पेश करने वाला एक मामला सामने आया है। सड़कें जलमग्न होने और एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर ग्रामीणों ने एक लकड़ी के दरवाजे को अस्थायी स्ट्रेचर बनाया और गर्भवती महिला को सीने तक भरे पानी के बीच कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से महिला ने सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
जानकारी के अनुसार, पालघर के हनुमानपाड़ा क्षेत्र निवासी प्रियंका रवि यादव को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। लगातार बारिश के कारण गांव का संपर्क कट चुका था और एंबुलेंस मौके तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में स्थानीय आशा कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मिलकर तुरंत राहत अभियान शुरू किया।
ग्रामीणों ने पास के एक घर का लकड़ी का दरवाजा निकालकर उसे स्ट्रेचर की तरह इस्तेमाल किया और महिला को कंधों पर उठाकर सीने तक भरे पानी से गुजरते हुए सफाले ग्रामीण अस्पताल तक पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। चिकित्सकों ने बताया कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।



